BRICS 2026 को केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के सम्मेलन के रूप में देखना अधूरा होगा। नई दिल्ली घोषणा में कृषि, किसानों के अधिकार, डिजिटल खेती, agroecology और regenerative agriculture जैसे मुद्दों को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। यह भारत के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी आज भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है।
BRICS और कृषि
BRICS देशों में भारत, चीन, ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देश शामिल हैं जिनके लिए कृषि और खाद्य सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं।
कुछ देश बड़े कृषि उत्पादक हैं। कुछ खाद्य और ऊर्जा के बड़े निर्यातक हैं। कुछ देश तेजी से बढ़ती आबादी के कारण खाद्य आयात पर निर्भर हैं।
इस विविधता के कारण BRICS में कृषि सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
Digital Agriculture क्या है?
Digital Agriculture का मतलब खेती में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल है।
इसमें satellite data, weather forecasting, sensors, drones, AI, mobile applications और digital marketplaces जैसी तकनीक शामिल हो सकती है।
इन तकनीकों से किसान मौसम, मिट्टी, पानी और फसल की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकता है।
भारत के लिए महत्व
भारत में छोटे और सीमांत किसान बड़ी संख्या में हैं।
इन किसानों के लिए मौसम की अनिश्चितता, पानी की कमी, बाजार की जानकारी और लागत बड़ी चुनौतियां हैं।
यदि डिजिटल तकनीक किसानों को सही समय पर मौसम और बाजार की जानकारी देती है तो नुकसान कम किया जा सकता है।
Climate change और खेती
जलवायु परिवर्तन कृषि के सामने बड़ी चुनौती बन रहा है।
अचानक बारिश, सूखा, गर्मी और बदलता मौसम फसलों को प्रभावित करता है।
इसीलिए regenerative agriculture और agroecology जैसे मॉडल महत्वपूर्ण हो रहे हैं।
इनका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि मिट्टी, पानी और पर्यावरण की दीर्घकालिक सुरक्षा भी है।
BRICS Centres of Excellence
नई दिल्ली घोषणा में agroecology और regenerative agriculture से जुड़े BRICS Centres of Excellence तथा Digital Agriculture Network जैसी पहलों का स्वागत किया गया।
इससे सदस्य देशों को कृषि अनुसंधान और तकनीक साझा करने का अवसर मिल सकता है।
भारत किसी देश से बेहतर जल प्रबंधन तकनीक सीख सकता है, तो दूसरा देश भारतीय डिजिटल कृषि मॉडल से सीख सकता है।
Seed systems और किसानों के अधिकार
BRICS ने farmers’ rights in seed systems से जुड़े Global Forum की दिशा में भी सहयोग को महत्व दिया।
बीज कृषि का मूल आधार है।
किसानों के लिए बेहतर बीज उपलब्धता, स्थानीय किस्मों की सुरक्षा और नई तकनीक तक पहुंच महत्वपूर्ण है।
खाद्य सुरक्षा
विश्व में युद्ध और व्यापारिक तनाव के कारण खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
BRICS देशों के लिए खाद्य सुरक्षा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समूह के सदस्य दुनिया की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
यदि कृषि उत्पादन और खाद्य व्यापार में सहयोग बढ़ता है तो वैश्विक खाद्य संकट के समय मदद मिल सकती है।
तकनीक और छोटे किसान
यहां सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डिजिटल कृषि केवल बड़े किसानों तक सीमित न रह जाए।
यदि ड्रोन, AI और सेंसर बहुत महंगे हैं तो छोटे किसान इनका लाभ नहीं उठा पाएंगे।
इसलिए सरकारों और BRICS संस्थाओं को ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी जो कम लागत पर किसानों तक पहुंच सके।
युवाओं के लिए अवसर
Digital Farming ग्रामीण युवाओं के लिए भी नए रोजगार पैदा कर सकती है।
ड्रोन संचालन, कृषि डेटा, soil testing, irrigation technology और farm management में नए कौशल की जरूरत होगी।
इससे कृषि को पारंपरिक पेशे के बजाय technology-driven sector के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा।
भारत और BRICS सहयोग
भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अनुभव है।
यदि कृषि क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म, किसान डेटाबेस और बाजार कनेक्टिविटी को BRICS देशों के साथ साझा किया जाता है तो भारत एक तकनीकी साझेदार की भूमिका निभा सकता है।
पानी का मुद्दा
कृषि और पानी एक-दूसरे से जुड़े हैं।
कई BRICS देशों में पानी की कमी या अनियमित वर्षा कृषि उत्पादन को प्रभावित करती है।
इसलिए water-efficient agriculture और irrigation technology में सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।
भविष्य की खेती
भविष्य की खेती केवल ट्रैक्टर और मशीनों पर निर्भर नहीं होगी।
AI, satellite imagery, weather prediction और digital marketplaces कृषि की तस्वीर बदल सकते हैं।
BRICS इस बदलाव में सहयोग का बड़ा मंच बन सकता है।
निष्कर्ष
BRICS 2026 में कृषि को मिला महत्व भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
Digital Agriculture, regenerative farming, किसानों के अधिकार और कृषि अनुसंधान में सहयोग से सदस्य देशों को खाद्य सुरक्षा और जलवायु चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है।
लेकिन असली सफलता तब होगी जब इन पहलों का फायदा छोटे किसानों तक पहुंचे।
यदि तकनीक सस्ती, स्थानीय और आसान बनाई जाती है तो BRICS का कृषि सहयोग आने वाले वर्षों में करोड़ों किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकता है।















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