दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए भवन हादसे ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में कई लोगों की जान गई और पीड़ितों में छात्र भी शामिल बताए गए हैं।
सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र और युवा PG तथा किराए के मकानों में रहते हैं। ऐसे में भवन की मजबूती और अग्नि सुरक्षा जैसे सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
दिल्ली में जमीन की कीमत और बढ़ती आबादी के कारण कई जगह पुराने भवनों पर अतिरिक्त निर्माण भी देखने को मिलता है। लेकिन हर निर्माण की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती।
हादसे के बाद केवल दोष तय करना पर्याप्त नहीं होगा। प्रशासन को ऐसे इलाकों में पुराने भवनों की संरचनात्मक जांच करनी होगी जहां बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं।
भवन मालिकों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
निष्कर्ष: किसी भी शहर का विकास तभी सार्थक है जब उसमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।















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