मोकामा में राजेंद्र पुल पर काम का असर: 35 ट्रेनें रद्द, 33 डायवर्ट, यात्रियों को पहले से करनी होगी तैयारी

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बिहार में रेल यात्रियों के लिए सितंबर के अंतिम दिनों में मोकामा स्थित राजेंद्र पुल से जुड़ा रेल यातायात बदलाव चर्चा में है। पुल से जुड़े निर्माण/NI कार्य के कारण रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन में व्यापक बदलाव किया। रेलवे की योजना के अनुसार 28 सितंबर को बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या उनके प्रारंभ/समापन स्टेशन में बदलाव किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार कुल 35 ट्रेनें रद्द, 33 ट्रेनें डायवर्ट और 9 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया।

यह बदलाव केवल मोकामा जाने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार और दूसरे राज्यों के बीच चलने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी इसका प्रभाव पड़ा।

राजेंद्र पुल क्यों महत्वपूर्ण है?

मोकामा का राजेंद्र पुल गंगा के ऊपर रेल संपर्क की दृष्टि से महत्वपूर्ण संरचना है। इसके आसपास होने वाले रेलवे कार्य का असर उस रेल नेटवर्क पर पड़ सकता है जो बिहार के विभिन्न हिस्सों को पूर्वी भारत और उत्तर भारत के दूसरे क्षेत्रों से जोड़ता है।

इस कारण पुल से संबंधित बड़े इंजीनियरिंग कार्यों के दौरान रेलवे को ट्रेनों का संचालन बदलना पड़ता है।

35 ट्रेनें रद्द

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ईस्ट सेंट्रल रेलवे की योजना के आधार पर 35 रद्द ट्रेनों की सूची दी गई है। इसमें Howrah-Mokama Express, Howrah-Jaynagar Express, Ganga Sagar Express, Saharsa-Rajendra Nagar Intercity, Patna-Malda Express, Janasewa Express और कई MEMU सेवाएं शामिल हैं।

इस सूची में बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर आने-जाने वाली सेवाएं भी शामिल हैं।

इसका मतलब यह है कि यात्रियों को केवल अपने शुरुआती स्टेशन और अंतिम स्टेशन देखकर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए। उन्हें ट्रेन नंबर और उस तारीख की परिचालन स्थिति भी देखनी चाहिए।

33 ट्रेनें डायवर्ट

रद्द ट्रेनों के अलावा 33 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाने की योजना बनाई गई। रिपोर्ट में Poorva Express, Amritsar-Howrah Mail, Bagh Express, Kumbha Express, Patna-Jasidih Express और कई अन्य सेवाओं का उल्लेख है।

डायवर्जन का अर्थ है कि ट्रेन का मूल मार्ग बदल जाता है। ऐसी स्थिति में यात्रा का समय बढ़ सकता है और ट्रेन कुछ निर्धारित स्टेशनों पर नहीं रुक सकती।

इसलिए जिन यात्रियों की यात्रा किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम, परीक्षा, नौकरी के इंटरव्यू या कनेक्टिंग ट्रेन से जुड़ी है, उनके लिए ट्रेन की ताजा स्थिति देखना विशेष रूप से जरूरी है।

वंदे भारत ट्रेन भी प्रभावित

मोकामा-राजेंद्र पुल क्षेत्र में कार्य का असर कुछ वंदे भारत सेवाओं पर भी पड़ा। रेलवे की सूची में New Jalpaiguri-Patna और Patna-New Jalpaiguri Vande Bharat Express के डायवर्जन का उल्लेख किया गया है।

वंदे भारत जैसी तेज सेवा में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी यही नियम है कि टिकट बुक होने का मतलब यह नहीं कि उस तारीख को ट्रेन बिल्कुल उसी मार्ग से चलेगी। परिचालन संबंधी परिस्थितियों में रेलवे मार्ग बदल सकता है।

किन यात्रियों को सबसे अधिक ध्यान रखना चाहिए?

मोकामा, पटना, बाढ़, बख्तियारपुर, बरौनी, किऊल और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचना विशेष रूप से उपयोगी रहेगा।

इसके अलावा बिहार से दिल्ली, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, झारखंड और दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपनी ट्रेन के बारे में ताजा जानकारी लेनी चाहिए।

ट्रेन कैंसिल होने पर क्या करें?

यात्री को सबसे पहले यह जांचना चाहिए कि उनकी ट्रेन वास्तव में रद्द हुई है, डायवर्ट हुई है या उसका केवल प्रारंभ/समापन स्टेशन बदला गया है।

इन तीनों परिस्थितियों का प्रभाव अलग-अलग होता है।

रद्द ट्रेन: निर्धारित यात्रा नहीं होगी।
डायवर्ट ट्रेन: ट्रेन चलेगी लेकिन बदले हुए मार्ग से।
शॉर्ट टर्मिनेशन: ट्रेन अपने मूल गंतव्य से पहले किसी स्टेशन पर यात्रा समाप्त कर सकती है।
शॉर्ट ओरिजिनेशन: ट्रेन अपने मूल स्टेशन के बजाय किसी दूसरे स्टेशन से शुरू हो सकती है।

रेलवे की प्रकाशित योजना में इन सभी प्रकार के बदलावों का उल्लेख किया गया है।

यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां

यात्रा से पहले:

  • ट्रेन नंबर से स्थिति जांचें।
  • केवल ट्रेन के नाम पर निर्भर न रहें।
  • PNR की स्थिति देखें।
  • डायवर्जन होने पर वैकल्पिक यात्रा समय को ध्यान में रखें।
  • कनेक्टिंग ट्रेन या बस है तो अतिरिक्त समय रखें।
  • स्टेशन पहुंचने से पहले परिचालन संबंधी नवीनतम सूचना जांचें।

रेलवे कार्य और यात्रियों की परेशानी

रेलवे के बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों का उद्देश्य लंबे समय में रेल नेटवर्क की क्षमता, सुरक्षा और संचालन को बेहतर करना हो सकता है। लेकिन कार्य के दौरान यात्रियों को अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यही कारण है कि ऐसे कार्यों की जानकारी यात्रियों तक समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है।

मोकामा में राजेंद्र पुल से संबंधित कार्य के दौरान 35 ट्रेनों के रद्द होने और 33 ट्रेनों के डायवर्ट होने से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे के किसी महत्वपूर्ण हिस्से में इंजीनियरिंग कार्य का प्रभाव कितना व्यापक हो सकता है।

निष्कर्ष

बिहार के रेल यात्रियों के लिए सितंबर के अंतिम दिनों में मोकामा-राजेंद्र पुल क्षेत्र की ट्रेन स्थिति महत्वपूर्ण है। 28 सितंबर के लिए रेलवे की योजना में 35 ट्रेनें रद्द, 33 डायवर्ट और 9 ट्रेनों के शॉर्ट टर्मिनेशन/शॉर्ट ओरिजिनेशन का उल्लेख किया गया है।

यात्रियों को यात्रा से पहले आधिकारिक रेलवे सूचना और अपने टिकट/PNR की स्थिति जांचनी चाहिए। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए अंतिम समय पर स्टेशन पहुंचने के बजाय पहले से स्थिति स्पष्ट करना बेहतर रहेगा।

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