लोकतंत्र में चुनाव केवल पांच साल में एक बार मतदान करने की प्रक्रिया नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की भूमिका लगातार बनी रहती है। लोग सवाल पूछते हैं, सरकारी योजनाओं की जानकारी मांगते हैं, शिकायत दर्ज करते हैं, स्थानीय संस्थाओं में भाग लेते हैं और सार्वजनिक संस्थाओं से जवाबदेही की अपेक्षा करते हैं।
यही कारण है कि जनता की आवाज और शासन की जवाबदेही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण विषय हैं।
भारत में नागरिकों को सरकारी कामकाज से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए सूचना का अधिकार यानी RTI Act, 2005 एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देता है। सरकारी National Government Services Portal के अनुसार RTI Online के माध्यम से पात्र केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों के संबंध में ऑनलाइन आवेदन और प्रथम अपील की सुविधा उपलब्ध है।
सवाल पूछना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा
किसी सड़क का निर्माण कब पूरा होगा?
सरकारी योजना का लाभ किसे मिला?
किस परियोजना पर कितना पैसा खर्च हुआ?
किस विभाग ने कौन-सा निर्णय लिया?
ऐसे सवाल सरकार के खिलाफ होना जरूरी नहीं हैं। ये प्रशासन को समझने और सार्वजनिक धन तथा नीतियों के बारे में जानकारी हासिल करने का नागरिक तरीका भी हो सकते हैं।
लोकतंत्र में सवाल पूछना और जवाब देना दोनों आवश्यक प्रक्रियाएं हैं।
RTI की भूमिका
RTI कानून नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों के पास उपलब्ध सूचना मांगने का अधिकार देता है।
मार्च 2026 में सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार 2024-25 में केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों में RTI आवेदनों की अस्वीकृति दर 3.26 प्रतिशत थी, जो 2013-14 के 7.21 प्रतिशत से कम बताई गई। उसी जवाब में यह भी बताया गया कि निर्धारित समय में जवाब न मिलने या निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में प्रथम अपीलीय प्राधिकारी और उसके बाद केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष दूसरी अपील का प्रावधान है।
इन आंकड़ों का अर्थ यह नहीं कि हर नागरिक को हर मांगी गई सूचना स्वतः मिल जाएगी। RTI कानून में अपवाद और निर्धारित प्रक्रियाएं भी हैं। लेकिन यह व्यवस्था शासन में पारदर्शिता के लिए एक औपचारिक माध्यम उपलब्ध कराती है।
शिकायत और सूचना में अंतर
एक आम भ्रम यह है कि शिकायत और RTI एक ही चीज हैं।
ऐसा नहीं है।
अगर किसी व्यक्ति को किसी सरकारी सेवा से शिकायत है, तो उसके लिए संबंधित शिकायत निवारण व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है।
दूसरी ओर, अगर कोई व्यक्ति किसी निर्णय या सरकारी रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगना चाहता है, तो RTI एक अलग प्रक्रिया है।
केंद्र सरकार का CPGRAMS सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित शिकायतों के लिए 24×7 ऑनलाइन मंच उपलब्ध कराता है। फरवरी 2026 में सरकार ने संसद में बताया कि 2023, 2024 और 2025 के दौरान केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को CPGRAMS पर 51,15,713 सार्वजनिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें लगभग 85 प्रतिशत निर्धारित समय सीमा में निस्तारित की गईं।
स्थानीय लोकतंत्र क्यों महत्वपूर्ण है?
लोकतंत्र की चर्चा अक्सर संसद और विधानसभा तक सीमित कर दी जाती है। लेकिन आम नागरिक का दैनिक जीवन स्थानीय शासन से भी प्रभावित होता है।
सड़क, नाली, पेयजल, स्थानीय स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छता और दूसरी सेवाएं ग्राम पंचायत, नगर निकाय और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हो सकती हैं।
इसी संदर्भ में ग्राम सभा की भूमिका महत्वपूर्ण है।
2026 में पंचायती राज मंत्रालय के लिए किए गए एक राष्ट्रीय अध्ययन में लगभग 7,790 उत्तरदाताओं और करीब 400 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। अध्ययन का विषय विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्राम सभा में कम भागीदारी और उसके कारण थे।
30 जून 2026 को जारी रिपोर्ट में नागरिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए जागरूकता, संचार, समावेशिता, संस्थागत प्रतिक्रिया और शासन प्रक्रियाओं जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया गया।
जनता की आवाज केवल विरोध नहीं
“जनता की आवाज” शब्द को अक्सर केवल आंदोलन या विरोध से जोड़ दिया जाता है।
लेकिन नागरिक भागीदारी का दायरा इससे बहुत बड़ा है।
एक नागरिक:
- ग्राम सभा में भाग ले सकता है।
- स्थानीय समस्या की शिकायत कर सकता है।
- RTI के माध्यम से सूचना मांग सकता है।
- सरकारी योजना की पात्रता समझ सकता है।
- मतदान कर सकता है।
- निर्वाचित प्रतिनिधि से सवाल पूछ सकता है।
- सार्वजनिक दस्तावेजों और बजट की जानकारी पढ़ सकता है।
- गलत सूचना फैलाने से बच सकता है।
ये सभी लोकतांत्रिक भागीदारी के अलग-अलग रूप हैं।
मीडिया की जिम्मेदारी
जनता और शासन के बीच मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सरकारी घोषणा प्रकाशित करना नहीं है। योजनाओं का जमीनी प्रभाव, नागरिकों की समस्याएं, आधिकारिक आंकड़े और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने रखना भी पत्रकारिता का हिस्सा है।
जुलाई 2026 में निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित All India Media Conference में भी चुनावों में मीडिया की भूमिका और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में विभिन्न हितधारकों की भूमिका को रेखांकित किया।
इसलिए मीडिया को सवाल पूछते समय तथ्यों की जांच और अलग-अलग पक्षों को समझना जरूरी है।
सोशल मीडिया ने बदला संवाद
आज नागरिक सीधे सोशल मीडिया पर अपनी समस्या उठा सकते हैं। कोई सड़क टूटी है, पानी की समस्या है या सरकारी सेवा में दिक्कत है—लोग फोटो और वीडियो के माध्यम से उसे सार्वजनिक कर सकते हैं।
लेकिन यहां एक खतरा भी है।
हर वायरल पोस्ट सत्य नहीं होती।
इसलिए जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए तथ्य आधारित आवाज जरूरी है।
गलत जानकारी पर आधारित आरोप किसी समस्या का समाधान करने के बजाय भ्रम पैदा कर सकते हैं।
जवाबदेही किसकी?
लोकतंत्र में जवाबदेही केवल सरकार की नहीं होती।
सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही है कि वे कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार काम करें।
जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही है कि वे जनता के मुद्दों को संस्थागत मंचों पर उठाएं।
मीडिया की जवाबदेही है कि वह तथ्यों की जांच करे।
और नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे जानकारी हासिल करें, अपने अधिकार समझें और अपनी बात जिम्मेदारी से रखें।
लोकतंत्र में मौन भी एक सवाल है
अगर नागरिक सार्वजनिक मामलों में रुचि नहीं लेते, ग्राम सभा या स्थानीय संस्थाओं में भागीदारी कम होती है और लोग केवल चुनाव के समय सक्रिय होते हैं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की जमीनी भागीदारी कमजोर हो सकती है।
2026 की ग्राम सभा संबंधी राष्ट्रीय अध्ययन का उद्देश्य ही उन कारणों को समझना था जिनकी वजह से स्थानीय स्तर पर नागरिक भागीदारी कम रहती है।
इसलिए सवाल केवल यह नहीं कि सरकार जनता की सुनती है या नहीं।
एक दूसरा सवाल भी उतना ही जरूरी है—
क्या जनता अपनी बात सही मंच पर, सही जानकारी के साथ और लगातार रख रही है?
राजशाही का सवाल
लोकतंत्र में जनता केवल वोट देने वाली भीड़ नहीं है।
वह शासन की सहभागी है।
वह सवाल पूछ सकती है, सूचना मांग सकती है, शिकायत दर्ज कर सकती है और स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं में भाग ले सकती है।
RTI, CPGRAMS और ग्राम सभा जैसे संस्थागत माध्यम अलग-अलग प्रकार से नागरिक और शासन के बीच संवाद की व्यवस्था बनाते हैं।
राजशाही का असली प्रश्न यही है—लोकतंत्र में सत्ता कितनी मजबूत है, यह पूछने से पहले यह भी पूछना चाहिए कि जनता की आवाज कितनी जागरूक, तथ्यपूर्ण और सक्रिय है?
















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