अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने यह फैसला 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में हुई बैठक में लिया।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। वे अप्रैल 2026 में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न एयर कमांड के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था।
पहली बार बनाया गया पूर्णकालिक CEO का पद
राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। मंदिर संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए ट्रस्ट ने पहली बार पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का फैसला किया है।
जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन और संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी होगी। हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरी के अनुसार CEO की नियुक्ति और कामकाज से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक कुल 5,585 आवेदन आए थे। चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की सूची को छोटा किया गया और अंत में तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए।
हाई-पावर्ड चयन समिति की प्रक्रिया के बाद ट्रस्ट की बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
ऑपरेशन सिंदूर में निभा चुके हैं अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे भारतीय वायुसेना के पश्चिमी कमान का नेतृत्व कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वे वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।
करीब चार दशक के सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल
CEO की नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें मदन मोहन पांडे, महेश भगचंदका और डॉ. निर्मला यादव के नाम शामिल हैं।
डॉ. निर्मला यादव की नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं। वहीं महेश भगचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। गोविंद देव गिरी को महासचिव की भूमिका सौंपी गई है।
अब क्या होगी जितेंद्र मिश्रा की भूमिका?
CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा के सामने राम मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्था, संचालन, प्रशासन और अनुपालन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
3 सितंबर को अयोध्या पहुंचने के बाद मिश्रा ने कहा कि उनकी तत्काल प्राथमिकता संगठन की कार्यप्रणाली को समझना और जिम्मेदारी संभालना है। इसके बाद वह आगे की योजनाओं पर काम करेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
राम मंदिर अब केवल निर्माण परियोजना नहीं रह गया है, बल्कि यह देश और दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ा बड़ा धार्मिक एवं प्रशासनिक केंद्र बन चुका है। ऐसे में ट्रस्ट में एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य प्रशासन और नेतृत्व का लंबा अनुभव आने वाले समय में मंदिर ट्रस्ट के संचालन में किस तरह दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
निष्कर्ष
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिलने से ट्रस्ट के कामकाज में अनुशासन, प्रबंधन और प्रशासनिक अनुभव का नया पक्ष जुड़ा है। अब देखना होगा कि वह मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं और भविष्य की चुनौतियों को किस तरह संभालते हैं।















Leave a Reply